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सरà¥à¤µà¤¾à¤‡à¤•ल (गरà¥à¤¦à¤¨ में दरà¥à¤¦) होने पर अपनाà¤à¤‚ ये 6 आयà¥à¤°à¥à¤µà¥‡à¤¦à¤¿à¤• उपाय, दरà¥à¤¦ से मिलेगा आराम
सरà¥à¤µà¤¾à¤‡à¤•ल दरà¥à¤¦ कà¤à¥€-कà¤à¥€ असहनीय हो सकता है। अगर आपको à¤à¥€ इसका दरà¥à¤¦ रहता है, तो आप कà¥à¤› आयà¥à¤°à¥à¤µà¥‡à¤¦à¤¿à¤• उपाय (Ayurvedic Remedies) आजमा सकते हैं।Â
Ayurvedic Remedies for Cervical Spondylosis: रीढ़ की हडà¥à¤¡à¥€ के जोड़ों और डिसà¥à¤• में समसà¥à¤¯à¤¾ होने पर सरà¥à¤µà¤¾à¤‡à¤•ल का दरà¥à¤¦ उठता है। बà¥à¤œà¥à¤°à¥à¤—ों में यह समसà¥à¤¯à¤¾ अधिक देखने को मिलती है। लेकिन सरà¥à¤µà¤¾à¤‡à¤•ल का दरà¥à¤¦ आजकल काफी सामानà¥à¤¯ हो चà¥à¤•ा है, अब बचà¥à¤šà¥‡ तक इस दरà¥à¤¦ की शिकायत करते हैं। सरà¥à¤µà¤¾à¤‡à¤•ल पेन सरà¥à¤µà¤¾à¤‡à¤•ल सà¥à¤ªà¥‹à¤‚डिलोलिसिस या ऑसà¥à¤Ÿà¤¿à¤¯à¥‹à¤…रà¥à¤¥à¤°à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ के कारण होने वाला दरà¥à¤¦ है। इस सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में उन हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚, डिसà¥à¤• या जोड़ों में बदलाव होता है, जो गरà¥à¤¦à¤¨ से जà¥à¤¡à¤¼à¥‡ होते हैं। सरà¥à¤µà¤¾à¤‡à¤•ल के दरà¥à¤¦ से आराम पाने के लिठलोग तरह-तरह की à¤à¤•à¥à¤¸à¤°à¤¸à¤¾à¤‡à¤œ, योग करते हैं। साथ ही दरà¥à¤¦à¤¨à¤¿à¤µà¤¾à¤°à¤• दवाइयों का à¤à¥€ सेवन करते हैं। लेकिन आप चाहें तो कà¥à¤› आयà¥à¤°à¥à¤µà¥‡à¤¦à¤¿à¤• उपायों की मदद से à¤à¥€ सरà¥à¤µà¤¾à¤‡à¤•ल के दरà¥à¤¦ से आराम पा सकते हैं। चलिठरामहंस चेरिटेबल हॉसà¥à¤ªà¤¿à¤Ÿà¤², सिरसा के आयà¥à¤°à¥à¤µà¥‡à¤¦à¤¾à¤šà¤¾à¤°à¥à¤¯ शà¥à¤°à¥‡à¤¯à¤¾ शरà¥à¤®à¤¾ से विसà¥à¤¤à¤¾à¤° से जानते हैं सरà¥à¤µà¤¾à¤‡à¤•ल पेन के लिठकौन-कौन से आयà¥à¤°à¥à¤µà¥‡à¤¦à¤¿à¤• उपाय आजमाने चाहिà¤à¥¤Â
castor oil
1. अरंडी का तेल (Castor Oil for Cervical Spondylosis)
अरंडी का तेल मांसपेशियों, हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ को मजबूत बनाने में काफी फायदेमंद होता है। सरà¥à¤µà¤¾à¤‡à¤•ल के दरà¥à¤¦ में à¤à¥€ अरंडी का तेल लगाना लाà¤à¤•ारी होता है। गरà¥à¤¦à¤¨ में दरà¥à¤¦ होने पर आप दिन में दो बार अरंडी के तेल से गरà¥à¤¦à¤¨ की मालिश करें। सरà¥à¤µà¤¾à¤‡à¤•ल दरà¥à¤¦ में आपको रात के समय अरंडी के तेल (Castor Oil for Neck Pain) से मालिश करनी चाहिà¤à¥¤ इससे विषाकà¥à¤¤ पदारà¥à¤¥ साफ होते हैं। अरंडी का तेल वात दोष को à¤à¥€ संतà¥à¤²à¤¿à¤¤ करने में मदद करता है।Â
2. तिल का तेल (Sesame Oil for Cervical Spondylosis)
तिल का तेल पà¥à¤°à¤¾à¤¨à¥‡ से पà¥à¤°à¤¾à¤¨à¥‡ जोड़ों की समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं को दूर करने का à¤à¤• बेहतरीन आयà¥à¤°à¥à¤µà¥‡à¤¦à¤¿à¤• उपाय है। आयà¥à¤°à¥à¤µà¥‡à¤¦ में तिल के तेल को पà¥à¤°à¤®à¥à¤– सà¥à¤¥à¤¾à¤¨ में रखा गया है। सरà¥à¤µà¤¾à¤‡à¤•ल के दरà¥à¤¦ से छà¥à¤Ÿà¤•ारा पाने के लिठतिल का तेल सबसे बेहतरीन (Which Oil is Best for Cervical Pain) माना गया है। तिल का तेल जोड़ों, मांसपेशियों के लिठकाफी फायदेमंद होता है। तिल के तेल से जोड़ों को पोषण मिलता है, सरà¥à¤µà¤¾à¤‡à¤•ल के दरà¥à¤¦ में à¤à¥€ आराम मिलता है। तिल का तेल हलà¥à¤•ा होता है और ऊतकों में आसानी से पà¥à¤°à¤µà¥‡à¤¶ कर जाता है।Â
3. लहसà¥à¤¨ (Garlic for Cervical)
लहसà¥à¤¨ सेहत के लिठकाफी फायदेमंद होता है। लहसà¥à¤¨ की तासीर बेहद गरà¥à¤® होती है, यह वात दोष को संतà¥à¤²à¤¿à¤¤ करने में मदद करता है। रोज सà¥à¤¬à¤¹ खाली पेट कचà¥à¤šà¥€ लहसà¥à¤¨ की कलियों को पानी के साथ खाने से सरà¥à¤µà¤¾à¤‡à¤•ल के दरà¥à¤¦ में आराम मिलता है। आप चाहें तो लहसà¥à¤¨ के तेल से पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ सà¥à¤¥à¤¾à¤¨ पर मसाज à¤à¥€ कर सकते हैं। इसके लिठ3-4 लहसà¥à¤¨ की कलियों को कà¥à¤šà¤² लें, इसमें तेल में गरà¥à¤® करें। अब इस तैयार तेल से गरà¥à¤¦à¤¨ की मालिश करें। इसके अलावा आप अदरक (Ginger for Neck Pain) के सेवन से à¤à¥€ गरà¥à¤¦à¤¨ के दरà¥à¤¦ से आराम पा सकते हैं।Â
4. योगासन
आयà¥à¤°à¥à¤µà¥‡à¤¦ में योग का काफी महतà¥à¤µ है। योग करने से कई तरह की समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं में आराम मिलता है। योगासन शरीर के दरà¥à¤¦ में आराम देता है, मांसपेशियों और हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ को मजबूत à¤à¥€ बनाता है। सरà¥à¤µà¤¾à¤‡à¤•ल दरà¥à¤¦ में à¤à¥€ आप हलà¥à¤•े योगासन कर सकते हैं। इससे गरà¥à¤¦à¤¨ और कंधों के आसपास का दरà¥à¤¦ और जकड़न कम होने में मदद मिलती है।
5. अशà¥à¤µà¤—ंधा (Ashwagandha for Cervical Spondylosis)
आयà¥à¤°à¥à¤µà¥‡à¤¦ में अशà¥à¤µà¤—ंधा का उपयोग तरह-तरह की समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं में किया जाता है। अशà¥à¤µà¤—ंधा इमà¥à¤¯à¥‚निटी बढ़ाता है, इसमें सूजन रोधी गà¥à¤£ à¤à¥€ होते हैं। अशà¥à¤µà¤—ंधा तंतà¥à¤°à¤¿à¤•ा, शà¥à¤µà¤¸à¤¨ और पà¥à¤°à¤œà¤¨à¤¨ पà¥à¤°à¤£à¤¾à¤²à¥€ पर कारà¥à¤¯ करता है। मांसपेशियों की कà¥à¤·à¤¤à¤¿, कमजोरी में अशà¥à¤µà¤—ंधा कारà¥à¤¯ करता है। अगर आप सरà¥à¤µà¤¾à¤‡à¤•ल के दरà¥à¤¦ से परेशान हैं, तो अशà¥à¤µà¤—ंधा चूरà¥à¤£ का सेवन कर सकते हैं। आप अशà¥à¤µà¤—ंधा का सेवन पाउडर, कैपà¥à¤¸à¥‚ल आदि के रूप में ले सकते हैं।Â
6. बला
बला का पौधा काफी गà¥à¤£à¤•ारी होता है, इसमें कई औषधीय गà¥à¤£ होते हैं। जो तरह-तरह की समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं के इलाज में लाà¤à¤•ारी होते हैं। बला की छाल का काढ़ा मांसपेशियों की जकड़न दूर करता है। बला की जड़ के काढ़े में नमक डालकर पीने से बांह की जकड़न दूर होती है। 2 गà¥à¤°à¤¾à¤® बला की जड़ के साथ 2 गà¥à¤°à¤¾à¤® नीम की छाल मिलाकर काढ़ा पानी से सरà¥à¤µà¤¾à¤‡à¤•ल के दरà¥à¤¦ में आराम मिलता है। सरà¥à¤µà¤¾à¤‡à¤•ल दरà¥à¤¦ होने पर आप सà¥à¤¬à¤¹-शाम इसका काढ़ा पी सकते हैं।
अगर आप à¤à¥€ सरà¥à¤µà¤¾à¤‡à¤•ल के दरà¥à¤¦ से परेशान हैं, तो इन उपायों को आजमाकर देख सकते हैं। इन आयà¥à¤°à¥à¤µà¥‡à¤¦à¤¿à¤• उपायों को अपनाकर वात दोष शांत करने में मदद मिलती है, दरà¥à¤¦ में à¤à¥€ आराम मिलता है।Â
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